इस तरह से घर पर ही करें मिलावटी आटे की पहचान

आजकल सभी अपने काम को आसान बनाना चाहते हैं और इसी के चलते सब गेंहू पिसवाकर आटा का इस्तमाल ना करके बल्कि बाजार का रेडीमेड आटा इस्तमाल करना पसंद कर रहे हैं

इस तरह से घर पर ही करें मिलावटी आटे की पहचान
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आजकल सभी अपने काम को आसान बनाना चाहते हैं और इसी के चलते सब गेंहू पिसवाकर आटा का इस्तमाल ना करके बल्कि बाजार का रेडीमेड आटा इस्तमाल करना पसंद कर रहे हैं l लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाज़ार आपके लिए कितना ख़तरनाक साबित हो सकता हैं l आटे और मैदे में फाइबर, विटामिंस और न्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं l परंतु वो लोग जो बाज़ार के आटे का इस्तमाल करते हैं उन लोगों  को इसके फैयदे नहीं मिल पाते हैं बल्कि नुकसान ही होता है l  

मिलावट वाले आटे में अक्सर चाक पाउडर, बोरिक पाउडर, खड़िया मिट्टी और मैदा मिलाते हैं। गेहूं के आटे को ज्यादा सफेद बनाने के लिए उसमें ख़राब चावल का चूरा भी मिलाया जाता है। आज हम आपको कुछ ऐसे आसान टिप्‍स बताने जा रहे हैं ज‍िन्हें आजमाकर आप खुद परख सकते हैं कि आटा शुद्ध है या मिलावटी।

आटा गूंधते समय करी जा सकती है मिलावट की पहचान

शुद्ध आटे की पहचान उसको गूंधते और उसकी रोटी बनाते समय की जा सकती है। जब आप शुद्ध आटे को गूंधते हैं तो वो बहुत नर्म होता है और उससे बनी रोटियां भी अच्छी तरह से फूलती है। मिलावटी आटे को गूंधने में असली आटे के मुकाबले कम पानी की जरूरत होती है। मिलावटी आटे की रोटियां बेशक ज्यादा सफेद होती हैं, मगर उन में नेचुरल स्वीटनेस नहीं होती। आटा गूंथने में ज्यादा समय लगता है और बेलने पर रोटी फैलती कम है l

चुम्बक से जांचें मिलावट को

आटा, मैदा और सूजी में बुरादा भी मिलाया जाता है। इसे जांचने के लिए किसी कांच की प्लेट में थोड़ा सा आटा या मैदा लीजिए। उसके ऊपर एक चुम्बक घुमाइये। यदि आटा, मैदा शुद्ध होगा तो चुम्बक पर नहीं चिपकेगा, लेकिन यदि आटे में मिलावट की गई होगी तो लोहे का बुरादा चुम्बक पर चिपक जायेगा।

हाइड्रोक्‍लोर‍िक एसिड से लगाएं मिलावट का पता

आटे में मिलावट को आप घर पर ही साइंटिफिक तरीके से चेक कर सकते हैं। हाइड्रोक्लोरिक एसिड आपको मेडिकल स्टोर में मिल जाएगा। आटे की मिलावट जांचने के लिए आप एक टेस्ट-ट्यूब लीजिए और उसमें थोड़ा-सा आटा डालें। फिर इसमें थोड़ा-सा हाइड्रोक्‍लोरि‍क एसिड डालें। हाइड्रोक्‍लोरि‍क एसिड डालने पर अगर ट्यूब में आटे के आलावा कुछ छानने वाली चीज नज़र आए तो समझ लें कि आटे में मिलावट की गई है। 

​पानी से जांचें मिलावट को

एक कांच के गिलास में आधा गिलास पानी भरें और इसमें एक चम्मच आटा डालें। यदि आटे में मिलावट की गई होगी तो उसमें मिलाई गई चीजें भूसी, रेशे और चोकर पानी की ऊपरी सतह पर तैरने लगेंगे। इसका अर्थ यह है कि आटे में मिलावट है।

नींबू का रस

नींबू के रस की मदद से भी मिलावटी आटे की पहचान कर सकते हैं। इसके लिए आप एक बड़ा चम्मच आटा लेकर उसमें नींबू के रस की कुछ बूंदे डालें। अगर आटे में बुलबुले बने या हल्की झाग की तरह दिखे तो आटे में चॉक पाउडर या खड़िया मिट्टी की मिलावट की गई है। क्योंकि चॉक पाउडर और खड़िया मिट्टी में कैल्शियम कार्बोनेट होता है जो नींबू के रस में मौजूद साइट्रिक एसिड से मिलने के बाद झाग छोड़ता है, जिसके कारण बुलबुले बनते हैं।

मिलावटी आटे के इस्तेमाल से पेट में कई तरह की तकलीफ हो सकती है, कब्ज बढ़ सकता है और लीवर भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए आप अपने स्वस्थ्य का खासतौर पर ख्याल रखें और बाजार का मिलावटी आटा बिलकुल भी ना खाए वरना आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है l